नकली दवाओं के कारोबार पर STF की नजर
उत्तराखंड स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने राज्य में नकली एवं कूटरचित (काउंटरफिट) दवाओं के बढ़ते मामलों को गंभीरता से लेते हुए आम जनता और दवा कारोबारियों के लिए विशेष चेतावनी जारी की है। STF का कहना है कि नकली दवाओं का नेटवर्क लगातार फैल रहा है, जिससे लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ सकता है।
भारी छूट के लालच में न आएं
STF ने लोगों को आगाह किया है कि दवाओं पर 50 से 60 फीसदी तक की छूट का दावा करने वाले स्रोतों से खरीदारी करते समय विशेष सावधानी बरतें। अधिकारियों के अनुसार, असामान्य रूप से कम कीमत पर मिलने वाली दवाएं कई बार नकली या गुणवत्ता मानकों पर खरी नहीं उतरतीं।
बीमारी ठीक होने के बजाय बढ़ सकता है खतरा
एजेंसी ने कहा कि सस्ती दवा खरीदकर पैसे बचाने की कोशिश मरीज के लिए नुकसानदायक साबित हो सकती है। नकली या घटिया गुणवत्ता वाली दवाओं के सेवन से बीमारी ठीक होने के बजाय और गंभीर हो सकती है। ऐसे मामलों में मरीज की सेहत पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने का खतरा बढ़ जाता है।
भरोसेमंद स्रोत से ही खरीदें दवाएं
STF ने नागरिकों से अपील की है कि वे केवल लाइसेंस प्राप्त और विश्वसनीय मेडिकल स्टोर या अधिकृत विक्रेताओं से ही दवाएं खरीदें। साथ ही दवा खरीदते समय बिल लेना और पैकेजिंग की जांच करना भी जरूरी बताया गया है।
दवा विक्रेताओं को भी सतर्क रहने की सलाह
दवा विक्रेताओं से भी कहा गया है कि वे अपने सप्लाई चैन की नियमित जांच करें और केवल प्रमाणित वितरकों से ही दवाओं की खरीद करें। किसी भी संदिग्ध दवा या सप्लायर की जानकारी मिलने पर तुरंत संबंधित अधिकारियों को सूचित करने की सलाह दी गई है।
STF की जनता से अपील
उत्तराखंड STF ने स्पष्ट किया है कि स्वास्थ्य से जुड़ी किसी भी वस्तु की खरीद में केवल कीमत को प्राथमिकता न दें। सुरक्षित और प्रभावी उपचार के लिए हमेशा भरोसेमंद स्रोतों से ही दवाएं खरीदें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना प्रशासन को दें।