आईएमए में बना इतिहास
देहरादून स्थित भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए) की पासिंग आउट परेड इस बार कई मायनों में खास रही। पहली बार अकादमी से 9 महिला कैडेट्स सैन्य अधिकारी बनकर भारतीय सेना का हिस्सा बनीं। यह आईएमए के इतिहास का एक महत्वपूर्ण और गौरवपूर्ण अध्याय माना जा रहा है।
पहली बार महिला कैडेट्स को मिला कमीशन
अकादमी की स्थापना के बाद यह पहला अवसर है जब महिला कैडेट्स को आईएमए से कमीशन प्राप्त हुआ है। पासिंग आउट परेड के बाद सभी महिला अधिकारी भारतीय सेना की विभिन्न इकाइयों में अपनी सेवाएं देंगी।
अनुशासन और जोश का दिखा शानदार प्रदर्शन
परेड के दौरान कैडेट्स ने शानदार कदमताल, अनुशासन और राष्ट्रसेवा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता का प्रदर्शन किया। मैदान में मौजूद सभी लोगों ने कैडेट्स के उत्साह और समर्पण की सराहना की।
राष्ट्रपति मुर्मू ने ली परेड की सलामी
इस ऐतिहासिक अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने पासिंग आउट परेड की सलामी ली। उन्होंने युवा सैन्य अधिकारियों को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं और देशसेवा के प्रति समर्पित रहने का संदेश दिया।
महिला सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम
आईएमए से पहली बार महिला अधिकारियों का पासआउट होना भारतीय सेना में बढ़ती महिला भागीदारी और सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।