धार्मिक शिक्षा के नए पाठ्यक्रम पर चल रहा काम
प्राधिकरण की बैठक में अध्यक्ष ने जानकारी दी कि कक्षा 1 से 8 तक के विद्यार्थियों के लिए धार्मिक शिक्षा का नया पाठ्यक्रम तैयार किया जा रहा है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को व्यवस्थित और संतुलित धार्मिक शिक्षा उपलब्ध कराना है।
समुदाय से मांगे जाएंगे सुझाव
अध्यक्ष ने बताया कि पाठ्यक्रम को अंतिम रूप देने से पहले समुदाय के लोगों की राय और सुझाव लिए जाएंगे। प्राप्त सुझावों का अध्ययन करने के बाद आवश्यक बदलाव किए जाएंगे।
सुझावों के बाद होगा अंतिम निर्णय
प्राधिकरण का कहना है कि सभी महत्वपूर्ण सुझावों पर विचार करने के बाद ही पाठ्यक्रम को अंतिम रूप दिया जाएगा, ताकि यह सभी पक्षों की अपेक्षाओं के अनुरूप तैयार हो सके।