Haridwar News:  हरकी पैड़ी पर गैर-हिंदुओं का प्रवेश निषेध, रील और ड्रोन पर भी सख्त पाबंदी: हरिद्वार के विश्व प्रसिद्ध तीर्थ हरकी पैड़ी पर धार्मिक मर्यादा बनाए रखने के लिए सख्त कदम उठाए गए हैं। घाट क्षेत्र में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर रोक लगाने के साथ-साथ रील बनाने, फिल्मी गानों पर वीडियो शूट करने और ड्रोन उड़ाने पर भी पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है। इस संबंध में हरकी पैड़ी और मालवीय द्वीप क्षेत्र में जगह-जगह सूचना बोर्ड लगाए गए हैं।

🔍 हाईलाइट्स

  • हरकी पैड़ी पर गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर रोक

  • रील, वीडियो शूट और ड्रोन उड़ाने पर पूर्ण प्रतिबंध

  • वायरल वीडियो के बाद सख्त कदम

  • श्रीगंगा सभा की चेतावनी, पुलिस जांच जारी

बोर्डों पर क्या लिखा है?

घाटों पर लगाए गए बोर्डों में साफ तौर पर उल्लेख किया गया है कि

  • अहिंदू व्यक्तियों का प्रवेश निषेध है

  • हरकी पैड़ी व मालवीय द्वीप क्षेत्र में ड्रोन उड़ाना प्रतिबंधित है

  • किसी भी प्रकार की रील, वीडियो या फिल्मी गानों पर शूटिंग वर्जित है

वायरल वीडियो के बाद बढ़ी सख्ती

कुछ दिन पहले सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें दो युवक अरबी वेशभूषा में हरकी पैड़ी के घाटों पर घूमते नजर आए। वीडियो के सामने आने के बाद तीर्थ पुरोहितों में नाराजगी फैल गई और इसे हरिद्वार की धार्मिक मर्यादा के खिलाफ बताया गया। मामले ने तूल पकड़ने पर पुलिस ने भी संज्ञान लिया और जांच शुरू की गई।


श्रीगंगा सभा ने दी कानूनी कार्रवाई की चेतावनी

घटना के बाद श्रीगंगा सभा ने सख्त रुख अपनाया है। सभा ने स्पष्ट किया है कि घाटों की मर्यादा भंग करने वाले वीडियो या रील्स यदि सोशल मीडिया पर वायरल होती हैं, तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी

सभा के महामंत्री तन्मय वशिष्ठ ने बताया कि मामले की जानकारी पुलिस प्रशासन को दे दी गई है। उनका कहना है कि कुछ लोग जानबूझकर माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। वहीं, सभा के सचिव उज्जवल पंडित ने कहा कि पूरे प्रकरण की सूचना स्थानीय पुलिस चौकी को दी जा चुकी है।


पुलिस ने शुरू की जांच

शहर कोतवाली प्रभारी रितेश शाह के अनुसार, वायरल वीडियो को लेकर जांच शुरू कर दी गई है। वीडियो में दिखाई दे रहे युवकों की पहचान की जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।


धार्मिक मर्यादा बनाए रखने पर जोर

गौरतलब है कि इन दिनों श्रीगंगा सभा की ओर से हरिद्वार के घाटों और प्रमुख धार्मिक स्थलों की व्यवस्था और मर्यादा को लेकर मंथन किया जा रहा है। सभा का मानना है कि इस तरह की सख्ती से न केवल धार्मिक भावनाओं की रक्षा होगी, बल्कि तीर्थ की गरिमा भी बनी रहेगी।


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