उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में सरोजनी मैठाणी ने पर्यावरण संरक्षण की एक अनोखी मिसाल पेश की है। उन्होंने अपने ससुराल की बंजर और अनुपजाऊ जमीन को हरे-भरे जंगल में बदल दिया।
सरोजनी मैठाणी ने अलग-अलग स्थानों से बीज एकत्र किए और उन्हें इस बंजर भूमि पर बोया। धीरे-धीरे उनकी मेहनत रंग लाई और खाली पड़ी जमीन पर पेड़-पौधे उगने लगे।
समय के साथ यह क्षेत्र पूरी तरह बदल गया है। जहां पहले सूखी और बंजर जमीन थी, वहां अब हरियाली और घना प्राकृतिक वातावरण देखने को मिलता है।
उनकी यह पहल न सिर्फ पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि अगर लगन और इच्छा शक्ति हो तो किसी भी बंजर जमीन को जीवन दिया जा सकता है।
स्थानीय लोग सरोजनी मैठाणी के इस प्रयास की खूब सराहना कर रहे हैं और उन्हें प्रेरणा का स्रोत मान रहे हैं।